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प्रश्न 6 : राजा भोज के समय में निर्मित विद्यालयों का परिचय दीजिए।

उत्तर- राजा भोज राज्य भर में विद्यालय स्थापित करके शिक्षा की उत्तम व्यवस्था की थी। उस समय एक विद्यालय धारानगरी में, दूसरा उज्जैन और तीसरा मंडुपदुर्ग (मांडव) में था। माँडव के विद्यालय में भट्टगोविन्द नामक पंडित की नियुक्ति की गई थी। धार की वर्तमान कमालमौला नामक इमारत में ही पहले धार का विद्यालय था। इसीलिए अब भी लोग उसे भोजशाला कहते हैं।

यह इमारत पहले जिस अवस्था में थी अब वैसी नहीं है। उसका रूपान्तर हो गया है फिर भी कुछ अवशेष अभी मिलते हैं। अर्जुन वर्मा की प्रशस्ति में इस स्थान को ‘भारतीभवन' अथवा 'शारदासदन' कहा गया है। यह भारती भवन बहुत विस्तीर्ण तथा धारा नगरी स्थित चौरासी चौक के अनेक देवालयों का अलंकार था। इस शारदा सदन की दीवालों पर तत्कालीन सुन्दर नागरीलिपि में संस्कृत और प्राकृत लेख खुदे हुए थे। इसलिए वह एक प्रस्तर-पुस्तकालय हो गया था।

वर्तमान काल में पाठशालाओं में नक्शे और चरित्र इत्यादि लटकाये जाते हैं, उसी प्रकार इस विद्यालय में व्याकरणादि विषयों के नियम, दीवारों के पत्थरों और खम्भों पर खुदे हुए थे। दुर्भाग्यवश यह विद्यालय मस्जिद बनाया गया और शिलालेख छिन्न-भिन्न हो गए तथा फर्श और दीवारों में उल्टे सीधे लगा दिए गए। अब भी दो चार महत्वपूर्ण शिलालेख यहाँ प्राप्त हैं।


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